18 दिसंबर 2019 - 19:14
पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष व राष्ट्रपति को मौत की सज़ा के फ़ैसले पर प्रतिक्रियाएं

पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को इस देश के एक विशेष न्यायालय की ओर से मौत की सज़ा देने के फ़ैसले पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

पाकिस्तान के एक विशेष न्यायालय ने मंगलवार को पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराते हुए संविधान के अनुच्छेद छः के अंतर्गत मौत की सज़ा सुनाई थी। पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी पूर्व सेनाध्यक्ष को देशद्रोह के मामले में दोषी ठहरा कर मौत की सज़ा सुनाई गई हो। न्यायालय के इस फ़ैसले पर पाकिस्तान की सेना ने कड़ी आपत्ति जताई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने अपने एक बयान में कहा है कि जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ न्यायालय के फ़ैसले से सेना को धक्का लगा है और यह काफ़ी दुखद है। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ़ ने चालीस साल तक देश की सेवा की है और उन्होंने देश की रक्षा में युद्ध किया है इस लिए उन्हें देश द्रोही नहीं ठहराया जा सकता।

 

जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने 2007 में इमरजेंसी लगाकर असंवैधानिक रूप से अपना कार्यकाल बढ़ाने की कोशिश की थी। इसी मामले पर उनके ख़िलाफ़ देशद्रोह का केस चल रहा था। लगभग छः साल तक चले इस केस में मंगलवार को फ़ैसला आ गया। पाकिस्तान के रिटायर्ड जनरल अमजद शोएब ने इसे पूरी सेना का अपमान क़रार दिया है। न्यायालय के इस फ़ैसले पर पाकिस्तान पीपल्ज़ पार्टी के प्रमुख बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि प्रजातंत्र सबसे अच्छा प्रतिशोध है। पीपल्ज़ पार्टी के एक नेता क़मर ज़मान कायरा ने कहा कि क़ानून से ऊपर कोई भी नहीं है। मुस्लिम लीग एन के नेता अहसन इक़बाल ने कहा कि इस फ़ैसले से भविष्य में कोई भी संविधान भंग करने की हिम्मत नहीं करेगा।

 

इस बीच इमरान ख़ान के नेतृत्व वाली सरकार ने अदालत के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ मुशर्रफ़ का बचाव करने का निर्णय किया है और फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील दायर कर दी है। सरकार ने मुशर्रफ़ को भारी देशद्रोह का दोषी बताने के अदालत के फ़ैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए उसके ख़िलाफ़ अपील दायर की है। बहरहाल पाकिस्तान में इस समय जिस प्रकार के हालात सामने आ रहे हैं उनसे लगता है कि इस देश में न्यायपालिका और सरकार व सेना के बीच एक लम्बा टकराव शुरू होने वाला है।